RTPS Bihar 1, 2, 3, 4 – Status, Certificate Download, Apply Online

RTPS Bihar, बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम 2011 के तहत चलने वाली ऑनलाइन सेवा है। इसके ज़रिए बिहार का कोई भी नागरिक serviceonline.bihar.gov.in पर जाति, आय, निवास, EWS, NCL और आचरण प्रमाण पत्र के लिए घर बैठे आवेदन कर सकता है। आवेदन पूरी तरह निःशुल्क है, और तैयार होने पर प्रमाण पत्र डिजिटल हस्ताक्षर वाली PDF के रूप में मिलता है।

आधिकारिक पोर्टलserviceonline.bihar.gov.in
आवेदन शुल्कनिःशुल्क (₹0)
लॉगिन प्रणालीMeriPehchaan / जन परिचय (National Single Sign-On)
आवेदन के स्तरअंचल · अनुमंडल · जिला
मुख्य प्रमाण पत्रजाति · आय · निवास · EWS · NCL (राज्य/केन्द्र) · आचरण
प्रमाण पत्र कैसे मिलेगाSMS डाउनलोड लिंक · ईमेल · DigiLocker · ServicePlus इनबॉक्स · पोर्टल · CSC/RTPS काउंटर
संचालनसूचना प्रावैधिकी विभाग, बिहार सरकार (सॉफ़्टवेयर: NIC)

ये तीनों लिंक सीधे बिहार सरकार के सरकारी पोर्टल पर ले जाते हैं। किसी भी प्रमाण पत्र के लिए इस साइट पर पैसे या दस्तावेज़ जमा करने की ज़रूरत नहीं है।

RTPS 4, RTPS 3, RTPS 2 और RTPS 1 का असली मतलब क्या है?

RTPS 1, RTPS 2, RTPS 3, RTPS 4, RTPS 7 और RTPS 9 अलग-अलग वेबसाइट नहीं हैं। ये सब एक ही सरकारी पोर्टल — serviceonline.bihar.gov.in — के सर्वर नंबर हैं। आप जब भी पोर्टल खोलते हैं, सरकार का कोई एक सर्वर आपकी request उठाता है, और उसी सर्वर का नंबर आपके ब्राउज़र के टैब में दिख जाता है। किसी दिन RTPS-3, किसी दिन RTPS-4। सेवा, फॉर्म और प्रमाण पत्र तीनों बिल्कुल एक जैसे रहते हैं।

ये नंबर आते कहाँ से हैं?

पोर्टल एक साथ बहुत सारे लोगों को संभालता है, इसलिए NIC ने इसे कई सर्वरों पर चलाया है। हर सर्वर का अपना नाम है — RTPS-1, RTPS-2, RTPS-3 और इसी तरह आगे। यह नाम वेबपेज के title में चला जाता है, यानी उसी जगह जो आपके ब्राउज़र टैब के ऊपर और Google के सर्च रिज़ल्ट में दिखती है।

नतीजा यह होता है कि एक ही पता खोलने पर अलग-अलग समय पर अलग नंबर दिखता है। हमने इसे खुद जाँचा — एक बार पोर्टल खोलने पर टैब में RTPS-3 आया, जबकि उसी पते के लिए Google के रिज़ल्ट में RTPS-4 दिख रहा था। पता वही, साइट वही, सिर्फ़ नंबर बदला हुआ।

Google पर "rtps 3" खोजने पर serviceonline.bihar.gov.in का परिणाम RTPS-3 शीर्षक के साथ

लोग यही नंबर टैब में या bookmark में देखते हैं, समझते हैं कि कोई अलग पोर्टल है, और फिर Google पर “rtps 4” या “rtps 3 bihar” लिखकर खोजते हैं। असल में वे उसी वेबसाइट को खोज रहे होते हैं जिस पर वे पहले से थे।

ध्यान दें: इंटरनेट पर इन नंबरों की तीन-तीन अलग व्याख्याएँ घूम रही हैं — कोई कहता है ये मोबाइल और कंप्यूटर के लिए अलग सर्वर हैं, कोई कहता है RTPS 1 जन्म प्रमाण पत्र के लिए है और RTPS 2 जाति के लिए, कोई कहता है ये अंचल, अनुमंडल और जिला स्तर हैं। सरकारी पोर्टल पर ऐसा कहीं कुछ नहीं लिखा। इनमें से कोई भी बात सही नहीं है।

RTPS 4 क्या है?

RTPS 4 बिहार सरकार के RTPS पोर्टल का एक सर्वर है, अलग वेबसाइट नहीं। “rtps 4 bihar online” खोजने वाले लोग असल में serviceonline.bihar.gov.in ही ढूँढ रहे होते हैं। इस सर्वर से भी जाति, आय, निवास, EWS, NCL और आचरण — सभी प्रमाण पत्र के लिए वैसे ही आवेदन होता है, स्थिति वैसे ही दिखती है, और PDF वैसे ही डाउनलोड होती है।

RTPS 3 क्या है?

RTPS 3 भी उसी पोर्टल का सर्वर है। कई बार पोर्टल खोलने पर टैब में यही नाम दिखता है, इसलिए “rtps 3 bihar online” और “rtps3 bihar” जैसे शब्द खोजे जाते हैं। इसके लिए कोई अलग पता याद रखने की ज़रूरत नहीं — serviceonline.bihar.gov.in काफ़ी है।

RTPS 1 और RTPS 2 क्या हैं?

ये दोनों भी सर्वर नंबर हैं। न RTPS 1 सिर्फ़ जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए है, न RTPS 2 सिर्फ़ जाति प्रमाण पत्र के लिए। पोर्टल पर सभी सेवाएँ हर सर्वर से खुलती हैं। जिस सर्वर पर आपकी request जाती है, वह अपने आप तय होता है — आप इसे चुन नहीं सकते, और चुनने की ज़रूरत भी नहीं।

RTPS 7 और RTPS 9 का क्या मतलब है?

यही बात RTPS 7 और RTPS 9 पर भी लागू होती है। ये डाउनलोड के लिए बने अलग सर्वर नहीं हैं। प्रमाण पत्र डाउनलोड करने का सरकारी रास्ता एक ही है — पोर्टल के नागरिक अनुभाग में “सर्टिफिकेट डाउनलोड करें” लिंक, चाहे टैब में कोई भी नंबर दिख रहा हो।

क्या RTPS-4 कोई फ़र्ज़ी वेबसाइट है?

नहीं। अगर आपके ब्राउज़र के address bar में serviceonline.bihar.gov.in लिखा है, तो आप बिहार सरकार की असली वेबसाइट पर ही हैं — टैब में RTPS-1 दिखे या RTPS-9, इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता।

घबराने की बात तब है जब address bar में कुछ और लिखा हो। नंबर टैब में दिखता है, पता address bar में। पहचान हमेशा पते से होती है, नंबर से नहीं।

असली सरकारी वेबसाइट कैसे पहचानें

  • पता serviceonline.bihar.gov.in होना चाहिए। सरकारी वेबसाइट हमेशा .gov.in पर ख़त्म होती है, .com, .in या .org पर नहीं।
  • पते से पहले ताले (🔒) का निशान होना चाहिए, यानी कनेक्शन सुरक्षित है।
  • नाम में थोड़ा-सा हेरफेर ध्यान से देखें — एक अक्षर दो बार लिखा हुआ या बीच में डैश जोड़ा हुआ पता अक्सर नक़ली साइटों की पहचान होती है।
  • कोई भी वेबसाइट अगर आपसे आधार नंबर, OTP या फ़ीस माँगे और उसका पता .gov.in नहीं है, तो वहाँ कुछ भी दर्ज न करें।
  • जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र के लिए सरकार कोई शुल्क नहीं लेती। जो साइट “सरकारी फ़ीस” माँगे, वह सरकारी नहीं है।

छोटी-सी आदत जो काम आएगी: पोर्टल खोलने के लिए हर बार Google पर “rtps” खोजने के बजाय, एक बार serviceonline.bihar.gov.in को अपने फ़ोन में bookmark कर लें। इससे नक़ली साइट पर पहुँचने का ख़तरा ख़त्म हो जाता है।

🏛️ बिहार प्रमाण पत्र आवेदन केंद्र — सीधे सरकारी लिंक

नीचे हर प्रमाण पत्र तीन स्तरों पर उपलब्ध है। ज़्यादातर काम अंचल स्तर से हो जाता है — ऊपर का स्तर तभी चुनें जब फ़ॉर्म में लिखा हो।

निवास प्रमाण पत्र राज्य की नौकरी, कॉलेज एडमिशन और बिहार की योजनाओं के लिए
जाति प्रमाण पत्र SC / ST / OBC / EBC आरक्षण के लिए
आय प्रमाण पत्र छात्रवृत्ति, फ़ीस माफ़ी और सरकारी योजनाओं के लिए
EWS प्रमाण पत्र आय एवं संपत्ति सामान्य वर्ग के लिए 10% आरक्षण
NCL प्रमाण पत्र बिहार सरकार के प्रयोजनार्थ BPSC, BSSC, बिहार पुलिस जैसी राज्य की नौकरियों के लिए
NCL / OBC प्रमाण पत्र केन्द्र सरकार के प्रयोजनार्थ UPSC, SSC, रेलवे और बैंक की नौकरियों के लिए — राज्य वाला यहाँ नहीं चलेगा
आचरण प्रमाण पत्र गृह विभाग के अंतर्गत। थाना सत्यापन ज़रूरी होता है
जन्म / मृत्यु प्रमाण पत्र यह RTPS से नहीं, भारत सरकार के CRS पोर्टल से बनता है — नीचे पूरी जानकारी दी गई है

लिंक न खुले तो सीधे serviceonline.bihar.gov.in खोलें → ऑनलाइन आवेदनलोक सेवाएँसामान्य प्रशासन विभाग → अपना प्रमाण पत्र चुनें। आचरण प्रमाण पत्र गृह विभाग के नीचे मिलेगा, और जन्म/मृत्यु प्रमाण पत्र योजना एवं विकास विभाग के नीचे।

सभी लिंक बिहार सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर जाते हैं। आवेदन निःशुल्क है — इस वेबसाइट पर कोई शुल्क या दस्तावेज़ नहीं लिया जाता।

RTPS Bihar क्या है और यह किस कानून के तहत काम करता है?

RTPS का पूरा नाम Right to Public Services है, और यह बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम, 2011 पर आधारित है। इस कानून के तहत सरकारी प्रमाण पत्र देना अधिकारी की मर्ज़ी नहीं, बल्कि नागरिक का कानूनी हक़ है — तय समय सीमा के भीतर, और देरी होने पर संबंधित अधिकारी पर जुर्माना लग सकता है।

इसी कानून को ऑनलाइन लागू करने के लिए serviceonline.bihar.gov.in पोर्टल बनाया गया।

पोर्टल के पीछे कौन-कौन है

पोर्टल जिस सॉफ़्टवेयर पर चलता है उसका नाम ServicePlus है। इसे राष्ट्रीय सूचना-विज्ञान केंद्र (NIC), भारत सरकार ने बनाया है, और NIC बिहार इस परियोजना में सॉफ़्टवेयर एप्लिकेशन विकास एजेंसी (ADA) के रूप में जुड़ा है।

यह पूरी व्यवस्था ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना का हिस्सा है — जो इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), भारत सरकार की राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना (NeGP) के तहत राज्य श्रेणी का एक मिशन मोड प्रोजेक्ट है।

बिहार में इसका क्रियान्वयन सूचना प्रावैधिकी विभाग (DIT), बिहार सरकार करता है, और सेवाओं का राज्यव्यापी रोल-आउट संबंधित सेवा प्रदाता विभागों के साथ बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन (BPSM) सोसायटी के समन्वय से होता है।

इसीलिए इसे लोग कई नामों से खोजते हैं — RTPS Bihar, Service Plus Bihar, serviceonline bihar। ये तीनों एक ही पोर्टल हैं।

कौन-सा विभाग कौन-सा प्रमाण पत्र देता है

यह जान लेना काम की बात है, क्योंकि पोर्टल पर सेवाएँ विभाग के हिसाब से बँटी हैं — और यही वजह है कि कुछ प्रमाण पत्र लोगों को मिलते ही नहीं।

विभागकौन-से प्रमाण पत्र
सामान्य प्रशासन विभागनिवास, जाति, आय, NCL (बिहार सरकार), NCL (केन्द्र सरकार), EWS — कुल छह
गृह विभागआचरण प्रमाण पत्र
योजना एवं विकास विभागजन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र
श्रम संसाधन विभागबिहार राज्य प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना, तथा लाइसेंस संबंधी सेवाएँ

पोर्टल इसके अलावा राशन कार्ड, भूमि रिकॉर्ड, निबंधन और परिवहन जैसी सेवाओं के लिए संबंधित सरकारी पोर्टलों के लिंक भी देता है — पर वे सेवाएँ RTPS से नहीं, अपने-अपने विभागीय पोर्टल से चलती हैं।

एक बात साफ़ कर दें: बहुत सी वेबसाइटों पर लिखा मिलेगा कि यह पोर्टल 2014 में शुरू हुआ। कानून 2011 का है — बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम, 2011। यही तारीख़ आपके किसी भी सरकारी काम में मायने रखती है।

अंचल, अनुमंडल या जिला स्तर — आपको किस स्तर पर आवेदन करना चाहिए?

पोर्टल पर निवास, जाति, आय, EWS और दोनों NCL प्रमाण पत्र तीन अलग-अलग स्तरों पर मिलते हैं। ज़्यादातर लोगों का काम अंचल स्तर से चल जाता है। ऊपर के स्तर की ज़रूरत तभी पड़ती है जब जिस संस्था या फ़ॉर्म के लिए आप प्रमाण पत्र दे रहे हैं, उसने साफ़ तौर पर अनुमंडल या जिला स्तर माँगा हो।

गलत स्तर चुनना आवेदन रिजेक्ट होने के सबसे आम कारणों में से है — और इसे पहले ही समझ लेना सबसे आसान बचाव है।

तीनों स्तर का मतलब

  • अंचल स्तर (Block Level) — प्रमाण पत्र आपके प्रखंड/अंचल कार्यालय से, अंचलाधिकारी (CO) द्वारा जारी होता है। यह सबसे नज़दीकी और सबसे तेज़ रास्ता है।
  • अनुमंडल स्तर (SDO Level) — प्रमाण पत्र अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) या उनके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी से जारी होता है। कुछ भर्ती और प्रवेश प्रक्रियाएँ इसी स्तर का प्रमाण पत्र माँगती हैं।
  • जिला स्तर (DM Level)जिलाधिकारी (DM) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी से जारी होता है। यह सबसे ऊपरी स्तर है और आमतौर पर तब चाहिए जब फ़ॉर्म में स्पष्ट रूप से जिला स्तर लिखा हो।

किस काम के लिए कौन-सा स्तर

पहले वह फ़ॉर्म या नोटिफिकेशन ध्यान से पढ़ें जिसके लिए प्रमाण पत्र चाहिए। अगर उसमें स्तर का ज़िक्र नहीं है, तो अंचल स्तर का प्रमाण पत्र आम तौर पर स्वीकार होता है। अगर उसमें “अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा निर्गत” या “जिलाधिकारी द्वारा निर्गत” जैसा कुछ लिखा है, तो उसी स्तर पर आवेदन करें — नीचे का प्रमाण पत्र वहाँ नहीं चलेगा, चाहे बाक़ी सब सही हो।

ऊपर के स्तर के लिए दोबारा पूरा फ़ॉर्म भरने की ज़रूरत नहीं

यह पोर्टल की अपनी सुविधा है, और शायद ही किसी वेबसाइट पर लिखी मिलती है।

अगर आपके पास या आपके परिवार के किसी सदस्य के पास अंचल/प्रखंड स्तर का निवास, जाति या आय प्रमाण पत्र पहले से है, तो उसका आवेदन संदर्भ संख्या (Application Reference Number) डालकर नया आवेदन किया जा सकता है — पूरा डेटा दोबारा भरने की ज़रूरत नहीं पड़ती।

इसी तरह अनुमंडल या जिला स्तर पर निवास, जाति, आय, BC/EBC (NCL), OBC (NCL) और EWS के लिए आवेदन सिर्फ़ संबंधित अंचल/प्रखंड या अनुमंडल स्तर के आवेदन की संदर्भ संख्या और आवेदक के नाम के आधार पर हो जाता है।

व्यवहार में इसका मतलब यह है कि अंचल स्तर से शुरू करना सबसे सीधा रास्ता रहता है — क्योंकि उसकी संदर्भ संख्या ऊपर के दोनों स्तरों पर काम आती है।

दो नियम जो अक्सर आवेदन डुबो देते हैं

अपने ही क्षेत्र के कार्यालय में आवेदन करें। पोर्टल साफ़ निर्देश देता है कि आवेदक अपने अधिकार क्षेत्र के अनुसार सिर्फ़ संबंधित कार्यालय — पंचायत, प्रखंड/अंचल, अनुमंडल, जिला — में ही आवेदन जमा करें। जो कार्यालय आपके क्षेत्र में नहीं आता, वहाँ किया गया आवेदन आगे नहीं बढ़ता।

पुराना प्रमाण पत्र मान्य है तो नया मत बनवाइए। यह भी पोर्टल की अपनी सलाह है — अगर पहले से जारी प्रमाण पत्र अभी भी मान्य है, तो बार-बार नया आवेदन करने की सलाह नहीं दी जाती। एक ही प्रमाण पत्र अलग-अलग कामों में इस्तेमाल किया जा सकता है। हर नए फ़ॉर्म के लिए नया आवेदन करने से पोर्टल पर बेवजह भीड़ बढ़ती है और आपका अपना समय भी लगता है।

RTPS पोर्टल पर कौन-कौन से प्रमाण पत्र बनते हैं?

पोर्टल पर सामान्य प्रशासन विभाग के छह प्रमाण पत्र, गृह विभाग का आचरण प्रमाण पत्र, और योजना एवं विकास विभाग के जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र उपलब्ध हैं। नीचे हर एक के बारे में वही बात लिखी है जो आवेदन करते समय काम आती है।

निवास प्रमाण पत्र (Residence / Domicile Certificate — Niwas Praman Patra)

यह साबित करता है कि आप बिहार के स्थायी निवासी हैं। पोर्टल पर इसका आधिकारिक नाम आवासीय प्रमाण-पत्र का निर्गमन है।

कहाँ काम आता है: बिहार सरकार की नौकरियों में, राज्य की भर्ती परीक्षाओं में, कॉलेज और विश्वविद्यालय में एडमिशन के समय, राज्य की योजनाओं और छात्रवृत्तियों में। बिहार सरकार की नौकरियों में महिलाओं के लिए जो 35% क्षैतिज आरक्षण है, वह भी बिहार की मूल निवासी महिलाओं के लिए है — यानी वहाँ यह प्रमाण पत्र अनिवार्य हो जाता है।

पते का सबूत — आधार, राशन कार्ड, वोटर आईडी, बिजली का बिल — तैयार रखें। किराए के मकान में रहते हैं तो रेंट एग्रीमेंट भी लगेगा।

जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate — Jati Praman Patra)

SC, ST, OBC और EBC वर्ग के लिए आरक्षण का आधार यही प्रमाण पत्र है। पोर्टल पर नाम — जाति प्रमाण-पत्र का निर्गमन

  • सबसे ज़रूरी बात — ज़मीन का रिकॉर्ड। बिहार में जाति सत्यापन काफ़ी हद तक पुराने राजस्व अभिलेखों पर टिका है। खतियान, दानपत्र, या ज़मीन से जुड़े दूसरे राजस्व दस्तावेज़ सबसे मज़बूत सबूत माने जाते हैं, क्योंकि उनमें परिवार की जाति दर्ज होती है। पिता या दादा का पुराना जाति प्रमाण पत्र हो तो प्रक्रिया और आसान हो जाती है।
  • अगर ज़मीन का कोई रिकॉर्ड ही न हो — यह बिहार में बहुत आम स्थिति है, खासकर भूमिहीन परिवारों में — तो आवेदन रुकता नहीं। ऐसे मामलों में स्थल सत्यापन (site inspection) के ज़रिए मामला आगे बढ़ता है, यानी अधिकारी या कर्मचारी मौके पर जाँच करके रिपोर्ट देते हैं।
  • आवेदन में जाति और उपजाति दोनों पहले से बनी सूची में से चुननी होती है, टाइप नहीं करनी होती। सूची में जो नाम है, वही चुनें — मिलता-जुलता नाम चुनने पर बाद में दिक़्क़त आती है।

कुर्मी (महतो) समुदाय के लिए: झारखंड स्वशासी क्षेत्र से जुड़े मामलों में सामान्य प्रशासन विभाग का पत्र संख्या 10207 लागू होता है। यह पत्र पोर्टल के “महत्वपूर्ण डाउनलोड” खंड में मौजूद है, और अगर आपका मामला इससे जुड़ा है तो आवेदन से पहले इसे पढ़ लेना ठीक रहेगा।

आय प्रमाण पत्र (Income Certificate — Aay Praman Patra)

परिवार की सालाना आय का सरकारी प्रमाण। पोर्टल पर नाम — आय प्रमाण-पत्र का निर्गमन

  • कहाँ काम आता है: छात्रवृत्ति, फ़ीस माफ़ी, EWS प्रमाण पत्र, शिक्षा ऋण, और आय पर आधारित सरकारी योजनाएँ।
  • फ़ॉर्म भरते समय: आय चार अलग-अलग स्रोतों में बतानी होती है — वेतन, कृषि, व्यवसाय और अन्य स्रोत। जिस मद में आय शून्य है, वहाँ भी 0 भरना पड़ता है, वरना फ़ॉर्म आगे नहीं बढ़ता।
  • सबूत के दस्तावेज़: नौकरीपेशा हैं तो सैलरी स्लिप, पेंशनभोगी हैं तो पेंशन स्लिप, ITR भरते हैं तो उसकी कॉपी। किसान या दिहाड़ी पर काम करने वालों के पास इनमें से कुछ नहीं होता — ऐसे लोगों के लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने पत्र संख्या 9541 जारी किया है, जो बताता है कि “अन्यान्य अभिलेख” के अंतर्गत कौन-से दस्तावेज़ आय के प्रमाण के रूप में मान्य होंगे। यह पत्र पोर्टल के “महत्वपूर्ण डाउनलोड” खंड में उपलब्ध है, और आवेदन से पहले इसे देख लेना बहुत काम आता है।

NCL प्रमाण पत्र — बिहार सरकार बनाम केन्द्र सरकार

यह वह जगह है जहाँ सबसे ज़्यादा लोगों का फ़ॉर्म ख़ारिज होता है, और गलती एक ही क्लिक की होती है।

पोर्टल पर दो अलग-अलग नॉन क्रीमी लेयर प्रमाण पत्र हैं:

  • नॉन क्रीमी लेयर प्रमाण पत्र (बिहार सरकार के प्रयोजनार्थ) — यह बिहार सरकार की नौकरियों और राज्य की भर्तियों के लिए है। BPSC, BSSC, बिहार पुलिस, राज्य के शिक्षक और अन्य राज्यस्तरीय पदों पर यही चलता है।
  • नॉन क्रीमी लेयर प्रमाण पत्र (केन्द्र सरकार के प्रयोजनार्थ) — यह केंद्र सरकार की नौकरियों और केंद्रीय संस्थानों के लिए है। UPSC, SSC, रेलवे, बैंकिंग, केंद्रीय विश्वविद्यालय — इन सबमें यही माँगा जाता है।
  • दोनों आपस में नहीं बदले जा सकते। केंद्रीय भर्ती में राज्य वाला प्रमाण पत्र लगाने पर उम्मीदवारी सामान्य वर्ग में चली जाती है, और यह बात अक्सर document verification के दिन पता चलती है — जब कुछ करने का समय नहीं बचता।

आवेदन करने से पहले भर्ती की अधिसूचना में देख लें कि पद केंद्र का है या राज्य का, फिर उसी नाम वाली सेवा चुनें। दोनों तीनों स्तरों — अंचल, अनुमंडल, जिला — पर उपलब्ध हैं।

Form XI ज़रूरी है। NCL आवेदन के साथ स्वयं शपथ पत्र (Form-XI) लगाना पड़ता है। यह फ़ॉर्म पोर्टल पर मौजूद है — प्रिंट निकालकर, भरकर, हस्ताक्षर करके अपलोड करना होता है। बिना इसके आवेदन आगे नहीं बढ़ता।

EWS प्रमाण पत्र (आय एवं संपत्ति प्रमाण पत्र)

पोर्टल पर इसका पूरा नाम है — आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आय और संपत्ति प्रमाण-पत्र का निर्गमन। यही वजह है कि “EWS” लिखा हुआ बटन ढूँढने वाले लोगों को यह नहीं मिलता।

यह सामान्य वर्ग के उन परिवारों के लिए है जो आरक्षण के किसी वर्ग (SC/ST/OBC) में नहीं आते और जिनकी सालाना पारिवारिक आय ₹8 लाख से कम है। इसके साथ ज़मीन और आवास से जुड़ी संपत्ति की सीमाएँ भी लागू होती हैं। इसी आधार पर शिक्षा और सरकारी नौकरियों में 10% आरक्षण मिलता है।

नाम से साफ़ है कि यह सिर्फ़ आय का नहीं, आय और संपत्ति दोनों का प्रमाण पत्र है — इसलिए ज़मीन-जायदाद से जुड़ी जानकारी भी देनी होती है।

आचरण प्रमाण पत्र (Character / Conduct Certificate — Aacharan Praman Patra)

नौकरी, उच्च शिक्षा, वीज़ा और कुछ लाइसेंस के लिए माँगा जाता है।

यह सामान्य प्रशासन विभाग के नीचे नहीं मिलेगा। पोर्टल पर यह गृह विभाग के अंतर्गत है — “आचरण प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन”। जो लोग इसे बाक़ी प्रमाण पत्रों के साथ ढूँढते रहते हैं, उन्हें यही एक बात नहीं पता होती।

इसमें एक और फ़र्क़ है — बाक़ी प्रमाण पत्रों की तरह यह पूरी तरह कागज़ी सत्यापन से नहीं बनता। इसमें थाना स्तर पर पुलिस सत्यापन होता है, इसलिए इसमें आम तौर पर बाक़ी प्रमाण पत्रों से ज़्यादा समय लगता है।

जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र — यह RTPS से ऑनलाइन नहीं बनता

बहुत सी वेबसाइटें “RTPS से जन्म प्रमाण पत्र ऑनलाइन आवेदन” की पूरी प्रक्रिया लिखकर रखती हैं, दस्तावेज़ों की सूची तक बनाकर। ऐसी कोई ऑनलाइन सुविधा RTPS पोर्टल पर है ही नहीं। इस बात को पहले जान लेना आपके कई दिन बचा देगा।

पोर्टल पर योजना एवं विकास विभाग के नीचे तीन चीज़ें लिखी हैं, और तीनों का मतलब अलग है:

  • 1. जन्म प्रमाण-पत्र का निर्गमन (आर टी पी एस काउंटर से) — यह लिंक नहीं है, सिर्फ़ सूचना है। पोर्टल इसके साथ साफ़ लिखता है कि यह सेवा प्रखंड स्तर के RTPS काउंटर पर उपलब्ध है। यानी इसके लिए अपने प्रखंड के लोक सेवा केंद्र जाना होगा।
  • 2. मृत्यु प्रमाण-पत्र का निर्गमन (आर टी पी एस काउंटर से) — यही बात मृत्यु प्रमाण पत्र पर भी लागू होती है।
  • 3. जन्म/मृत्यु प्रमाण-पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन (सीआरएस से) — ऑनलाइन आवेदन का यही एकमात्र रास्ता है। यह लिंक आपको RTPS से बाहर, भारत सरकार के CRS (Civil Registration System) पोर्टल पर ले जाता है — dc.crsorgi.gov.in

ऐसा क्यों है? जन्म और मृत्यु का पंजीकरण जन्म-मृत्यु पंजीकरण अधिनियम के तहत होता है और इसका रिकॉर्ड देशभर में एक ही केंद्रीय व्यवस्था — CRS — में रखा जाता है। इसलिए राज्य का RTPS पोर्टल इसे अपने पास रोकने के बजाय सीधे उसी केंद्रीय पोर्टल पर भेज देता है।

CRS से ऑनलाइन आवेदन का रास्ता: dc.crsorgi.gov.in पर “General Public Signup” से अपना खाता बनाएँ, फिर उसी खाते से जन्म या मृत्यु की घटना दर्ज करके आवेदन करें। अस्पताल में जन्म हुआ हो तो अस्पताल की रिपोर्ट और डिस्चार्ज स्लिप साथ रखें।

अगर प्रमाण पत्र पहले से बना हुआ है और सिर्फ़ कॉपी चाहिए, तो अपने प्रखंड के RTPS काउंटर या संबंधित नगर निकाय/पंचायत के पंजीकरण कार्यालय से मिलेगा — जहाँ मूल रूप से पंजीकरण हुआ था।

एक और भ्रम दूर कर दें: जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए माता-पिता का विवाह प्रमाण पत्र अनिवार्य नहीं है। कुछ वेबसाइटों पर यह लिखा मिलता है, पर यह सही नहीं है।

आवेदन से पहले कौन-कौन से दस्तावेज़ तैयार रखें?

फ़ॉर्म भरने बैठने से पहले सब कुछ स्कैन करके फ़ोन या कंप्यूटर में रख लें। बीच में दस्तावेज़ ढूँढने लगेंगे तो सेशन ख़त्म हो जाएगा और पूरा फ़ॉर्म दोबारा भरना पड़ेगा।

हर प्रमाण पत्र के लिए ज़रूरी
आधार कार्ड · आधार से जुड़ा चालू मोबाइल नंबर · पासपोर्ट साइज़ फोटो · ईमेल आईडी

प्रमाण पत्र के हिसाब से अतिरिक्त

प्रमाण पत्रक्या और चाहिए
निवासराशन कार्ड, वोटर आईडी, बिजली बिल, किराएदार हैं तो रेंट एग्रीमेंट
जातिखतियान या ज़मीन का राजस्व अभिलेख, पिता/दादा का पुराना जाति प्रमाण पत्र
आयसैलरी/पेंशन स्लिप या ITR; न हो तो पत्र संख्या 9541 वाले दस्तावेज़
NCL (राज्य/केन्द्र)Form-XI स्वयं शपथ पत्र, जाति प्रमाण पत्र
EWSआय का प्रमाण, ज़मीन व संपत्ति का विवरण

फोटो और फ़ाइल का साइज़

पोर्टल पासपोर्ट साइज़ फोटो के लिए 300 KB से कम की सीमा बताता है। दस्तावेज़ पहले से छोटे PDF में स्कैन करके रखें — मोबाइल से खींची गई सादी फोटो अक्सर कई MB की होती है और अपलोड नहीं होती।

फोटो वेब-कैमरा से मौके पर भी खींची जा सकती है, यह विकल्प फ़ॉर्म में मौजूद है।

नाम की गड़बड़ी — रिजेक्शन का सबसे आम कारण

फ़ॉर्म में नाम अंग्रेज़ी में टाइप करने के बाद [Space] या [Tab] दबाना पड़ता है, तभी वह अपने आप हिंदी में बदलता है। यह हिंदी वाला नाम एक-एक अक्षर मिलाकर देखें।

पोर्टल का अपना उदाहरण साफ़ है — “अशोक कुमार मेहता” लिखवाने के लिए अंग्रेज़ी में Ashok [Space] Kumar [Space] Mehta [Space] टाइप करना होता है।

अगर फ़ॉर्म का हिंदी नाम, आधार का नाम और आपके दस्तावेज़ों का नाम आपस में नहीं मिलते, तो e-KYC वहीं फेल हो जाता है। “संजीव” और “संजिव” जितना छोटा फ़र्क़ भी काफ़ी है।

आधार नहीं है तो?

आवेदन तब भी हो जाएगा। पोर्टल के मुताबिक़ अगर फ़ॉर्म में आधार नंबर नहीं दिया, तो भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त 12 पहचान प्रमाणों में से कोई एक अपलोड करना होगा। आधार देने पर आधार से जुड़े मोबाइल पर OTP भेजकर प्रमाणीकरण होता है।

Form 11 और Form 8 — डाउनलोड और भरने का तरीका

दोनों फ़ॉर्म सरकारी पोर्टल के “महत्वपूर्ण डाउनलोड” खंड में मौजूद हैं।

📄 Form-XI डाउनलोड करेंserviceonline.bihar.gov.in/resources/homePage/10/Document/Form_XI.pdf
📄 Form-VIII डाउनलोड करेंserviceonline.bihar.gov.in/resources/homePage/10/Document/Form_VIII.pdf

दोनों का सरकारी नाम एक ही है — आवेदक का स्वयं शपथ पत्र

किसके लिए कौन-सा: नॉन क्रीमी लेयर (NCL) आवेदन के साथ Form-XI लगता है। बाक़ी सेवाओं में जहाँ स्वयं घोषणा माँगी जाए, वहाँ Form-VIII का इस्तेमाल होता है। आवेदन फ़ॉर्म के अंदर भी “स्वयं शपथ-पत्र” नाम से यही लिंक मिल जाता है।

भरने का तरीका: प्रिंट निकालें → अपने हाथ से भरें → हस्ताक्षर करें → स्कैन करके PDF बनाएँ → आवेदन में [Attach Annexure] पर क्लिक करके अपलोड करें।

बिना हस्ताक्षर वाला या टाइप किया हुआ फ़ॉर्म स्वीकार नहीं होता। NCL आवेदन में यह छूट जाए तो आवेदन आगे नहीं बढ़ता।

पंजीकरण और लॉगिन — MeriPehchaan (जन परिचय) से कैसे करें

पोर्टल अब मेरी पहचान नेशनल सिंगल साइन-ऑन (NSSO) से जुड़ चुका है। इसका सीधा असर यह है कि 2023–24 में बनाया गया पुराना ServicePlus यूज़र आईडी अक्सर काम नहीं करता — यही वजह है कि लोग “rtps bihar login” खोजते हैं।

नया खाता कैसे बनाएँ

Click on Login serviceonline.bihar.gov.in Portal
  • 2. सावधानियों वाला बॉक्स आएगा — “लॉगिन के लिए आगे बढ़ें” दबाएँ
At caution box press "Proceed to Login"
  • 3. मेरी पहचान का पेज खुलेगा। नीचे “New User? Sign up for MeriPehchaan” पर क्लिक करें
Click "New User? Sign up for MeriPehchaan" below.
  • 4. मोबाइल नंबर डालकर OTP सत्यापित करें
  • 5. नाम, जन्मतिथि, लिंग भरें और यूज़रनेम व पासवर्ड बनाएँ
  • 6. शर्तें स्वीकार करके पूरा करें — खाता तैयार
Sign UP form of MeriPehchaan

पुराना अकाउंट काम नहीं कर रहा?

घबराएँ नहीं, यह सबके साथ हो रहा है। पोर्टल ने इसी के लिए “उपयोग निर्देश” खंड में दो आधिकारिक माइग्रेशन गाइड रखी हैं — एक RTPS उपयोगकर्ताओं के लिए, दूसरी नागरिक उपयोगकर्ताओं के लिए। लॉगिन करने से पहले अपनी श्रेणी वाली गाइड देख लें।

अगर पहले SSDG पोर्टल (bihar.gov.in) पर पंजीकृत थे, तो “पासवर्ड भूल गए” से पासवर्ड रीसेट करें।

पासवर्ड भूल गए

पोर्टल पर नागरिक अनुभाग → पासवर्ड भूल गए? से मेरी पहचान का पेज खुलेगा। यूज़रनेम या मोबाइल नंबर डालें, OTP सत्यापित करें, नया पासवर्ड बनाएँ। पासवर्ड में कम से कम एक बड़ा अक्षर, एक अंक और एक विशेष चिह्न रखें।

बिना लॉगिन के भी आवेदन हो जाता है

यह बात शायद ही कहीं लिखी मिलेगी। पोर्टल साफ़ बताता है कि आवेदन तीन तरह से किया जा सकता है — लॉगिन के बिना सीधे विभाग-वार सेवा लिंक पर क्लिक करके, लॉगिन के बाद इनबॉक्स से, या लोक सेवा केंद्र से।

लॉगिन करने का एक ही अतिरिक्त फ़ायदा है — ServicePlus इनबॉक्स मिल जाता है, जहाँ प्रमाण पत्र सुरक्षित रहता है।

श्रम संसाधन विभाग की सेवाओं के लिए ध्यान दें: उनमें सिर्फ़ यूज़र आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करना है, मोबाइल नंबर से नहीं। पोर्टल ने यह चेतावनी अलग से लिखी है।

RTPS Bihar पर ऑनलाइन आवेदन कैसे करें — पूरी प्रक्रिया

रास्ता: होमपेज → बायीं ओर ऑनलाइन आवेदनलोक सेवाएँसामान्य प्रशासन विभाग → अपना प्रमाण पत्र → स्तर चुनें → फ़ॉर्म भरें → आधार OTP → दस्तावेज़ अपलोड → Submit।

चरण-दर-चरण

  • serviceonline.bihar.gov.in खोलें
  • बायें साइडबार में ऑनलाइन आवेदन → लोक सेवाएँ → सामान्य प्रशासन विभाग पर जाएँ
Click General Administration Department on official portal homepage
  • अपना प्रमाण पत्र चुनें — जैसे “जाति प्रमाण-पत्र का निर्गमन”
Issuance of Caste Certificate option on official portal
  • स्तर चुनें — अंचल स्तर पर, अनुमंडल स्तर पर या जिला स्तर पर
Select the level
  • फ़ॉर्म ध्यान से भरें। नाम अंग्रेज़ी में टाइप करके [Space] दबाएँ, हिंदी अपने आप बनेगा
  • पासपोर्ट साइज़ फोटो लगाएँ (300 KB से कम) या वेब-कैमरा से खींचें
  • आधार नंबर डालने पर आधार से जुड़े मोबाइल पर OTP आएगा — उसे सत्यापित करें
  • [Attach Annexure] पर क्लिक करके सभी अनिवार्य (*) दस्तावेज़ अपलोड करें
  • सारी जानकारी दोबारा पढ़ें। कुछ गलत हो तो [Edit] करें
  • [Submit] दबाएँ
  • पावती (acknowledgement) डाउनलोड या प्रिंट कर लें — इसी में आपका आवेदन संदर्भ संख्या होता है

बीच में छोड़ना पड़े तो: फ़ॉर्म को [Draft] में सुरक्षित कर सकते हैं और बाद में पूरा करके Submit कर सकते हैं।

सबमिट करने के बाद दोबारा आवेदन न करें। पोर्टल की अपनी सलाह यही है — प्रमाण पत्र जारी होने का इंतज़ार करें। दो-तीन आवेदन डालने से काम तेज़ नहीं होता, उल्टा उलझ जाता है।

कोई शुल्क नहीं लगेगा। निवास, जाति, आय, NCL और EWS प्रमाण पत्र के आवेदन में कहीं भी भुगतान का चरण नहीं आता। पोर्टल पर जो OGRAS पेमेंट गेटवे है, वह श्रम संसाधन और पर्यटन जैसे विभागों की लाइसेंस सेवाओं के लिए है — इन प्रमाण पत्रों के लिए नहीं। अगर कोई वेबसाइट “सरकारी फ़ीस” माँगे, वह सरकारी नहीं है।

आवेदन की स्थिति (Status) कैसे देखें

पोर्टल के नागरिक अनुभाग में “आवेदन की स्थिति देखें” लिंक से स्थिति देखी जाती है।

आवेदन संदर्भ संख्या से

  • होमपेज पर नागरिक अनुभाग → आवेदन की स्थिति देखें पर क्लिक करें
In Citizens section Click View Application Status
  • “Through Application Reference Number” विकल्प चुनें
  • अपना आवेदन संदर्भ संख्या डालें
  • आवेदन जमा करने की तारीख़ कैलेंडर से चुनें
  • कैप्चा भरकर Submit दबाएँ
Enter Details & press Submit.

रसीद खो गई? OTP से देखें

यह विकल्प ज़्यादातर लोगों को पता नहीं होता।

उसी पेज पर दूसरा विकल्प “Through OTP/Application Details” चुनें → अपनी सेवा चुनें (जैसे जाति प्रमाण-पत्र का निर्गमन) → आवेदक का नाम और पिता का नाम बिल्कुल वैसे ही भरें जैसे फ़ॉर्म में भरा था → OTP सत्यापित करें। स्थिति सामने आ जाएगी।

स्थिति का क्या मतलब है

स्थितिमतलब
Initiated / जमाआवेदन पोर्टल पर दर्ज हो गया
Under Processकर्मचारी या अधिकारी के पास जाँच में है
Approvedअधिकारी ने मंज़ूरी दे दी
निर्गत / Deliveredप्रमाण पत्र जारी हो गया, अब डाउनलोड कर सकते हैं
Rejectedआवेदन ख़ारिज — Remarks में कारण लिखा होगा

स्थिति की जानकारी SMS और ईमेल से भी आती रहती है, इसीलिए फ़ॉर्म में चालू मोबाइल नंबर और ईमेल देना ज़रूरी है।

कब चिंता करनी चाहिए

अगर स्थिति कई दिनों से एक ही जगह अटकी है और आपकी सेवा के लिए तय समय सीमा निकल चुकी है, तो इंतज़ार करने या दोबारा आवेदन करने के बजाय अपील का रास्ता अपनाएँ — नीचे पूरा तरीका दिया है।

प्रमाण पत्र PDF डाउनलोड कैसे करें

रास्ता: पोर्टल → नागरिक अनुभाग“सर्टिफिकेट डाउनलोड करें” → श्रेणी में RTPS चुनें → आवेदन संदर्भ संख्या डालें → आवेदक का नाम अंग्रेज़ी में भरें → डाउनलोड।

स्थिति निर्गत/Delivered होने से पहले डाउनलोड की कोशिश न करें, फ़ाइल नहीं मिलेगी।

प्रमाण पत्र सिर्फ़ पोर्टल से नहीं मिलता — छह रास्ते हैं

पोर्टल के मुताबिक़ जारी होने के बाद प्रमाण पत्र इन सब तरीक़ों से भेजा जाता है:

  • मोबाइल पर SMS में डाउनलोड लिंक
  • ईमेल में अनुलग्नक के रूप में
  • DigiLocker में
  • ServicePlus इनबॉक्स में (अगर लॉगिन करके आवेदन किया हो)
  • पोर्टल पर “सर्टिफिकेट डाउनलोड करें” लिंक से
  • कियोस्क / CSC / RTPS काउंटर से

यानी अगर पोर्टल नहीं खुल रहा, तो भी आपके पास पाँच और रास्ते हैं।

DigiLocker से प्रमाण पत्र कैसे निकालें

  1. DigiLocker ऐप या digilocker.gov.in खोलें और आधार-लिंक्ड मोबाइल से लॉगिन करें
  2. Issued Documents में देखें — जारी प्रमाण पत्र अपने आप वहाँ आ जाता है
  3. न दिखे तो Search Documents में जाकर जारीकर्ता में बिहार सरकार की संबंधित सेवा चुनें और आवेदन संदर्भ संख्या डालें
  4. PDF डाउनलोड करें — यह डिजिटल हस्ताक्षर वाली मान्य प्रति होती है

PDF खाली आ रही है या “File Not Found”

यह तकनीकी दिक़्क़त नहीं, समय का अंतर है।

प्रमाण पत्र पर अधिकारी डिजिटल हस्ताक्षर (DSC) करते हैं, और पोर्टल के मुताबिक़ एक बार में अधिकतम 50 प्रमाण पत्रों पर हस्ताक्षर होते हैं। हस्ताक्षर के बाद फ़ाइल को सार्वजनिक डाउनलोड लिंक से जुड़ने में थोड़ा वक़्त लगता है।

स्थिति निर्गत होने के बाद आम तौर पर एक दिन के भीतर फ़ाइल मिल जाती है। तब तक थोड़ी देर बाद दोबारा कोशिश करें, या ईमेल/DigiLocker से लें। दोबारा आवेदन बिल्कुल न करें।

PDF खोलने और प्रिंट करने के लिए Adobe Acrobat Reader का नया संस्करण इस्तेमाल करें।

प्रमाण पत्र कितने दिन में बनता है और कब तक मान्य रहता है

कानूनी आधार: बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम, 2011 के तहत हर सेवा के लिए एक अधिसूचित समय सीमा तय है। उस सीमा के भीतर सेवा न मिलने पर आपको अपील का अधिकार है, और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी पर जुर्माना लग सकता है।

आपकी सेवा की सटीक समय सीमा कहाँ देखें: पोर्टल पर सेवा सम्बन्धी जानकारी → सामान्य प्रशासन विभाग → “सेवा सम्बन्धी जानकारी” में हर सेवा की अधिसूचित समय सीमा दी गई है। “त्वरित संदर्भ” फ़ाइल में भी यही जानकारी संक्षेप में है।

इंटरनेट पर आपको 7 दिन, 15 दिन, 21 दिन — कई अलग-अलग आँकड़े मिलेंगे। किसी वेबसाइट का आँकड़ा मानने के बजाय सीधे इसी सरकारी फ़ाइल में अपनी सेवा और अपना स्तर देखें, क्योंकि समय सीमा सेवा और स्तर के हिसाब से अलग होती है।

📄 सेवा सम्बन्धी जानकारी (सामान्य प्रशासन विभाग) → पोर्टल के “सेवा सम्बन्धी जानकारी” मेन्यू में
📄 त्वरित संदर्भ → उसी मेन्यू में

मान्यता अवधि

प्रमाण पत्र पर उसकी मान्यता से जुड़ी जानकारी दर्ज रहती है, और अलग-अलग संस्थाएँ अपनी ज़रूरत के हिसाब से “कितना पुराना चलेगा” तय करती हैं — जैसे कई भर्तियाँ छह महीने या एक साल से पुराना आय प्रमाण पत्र नहीं लेतीं।

इसलिए दो बातें ध्यान रखें: जिस फ़ॉर्म के लिए दे रहे हैं, उसकी शर्त पढ़ें; और जो प्रमाण पत्र अभी मान्य है, उसे दोबारा मत बनवाइए — पोर्टल की भी यही सलाह है कि एक ही प्रमाण पत्र अलग-अलग कामों में इस्तेमाल करें।

एक ज़रूरी बात: पोर्टल के ज़रिए सत्यापित प्रमाण पत्र — निवास, जाति, आय, NCL (राज्य), NCL (केन्द्र), EWS — जारी करने वाले प्राधिकारी के अंतिम सत्यापन के अधीन होते हैं। यह पोर्टल पर लिखी सूचना है।

पोर्टल नहीं चल रहा? आम समस्याएँ और उनके हल

सेशन एक्सपायर या बीच में सफ़ेद स्क्रीन
लंबा फ़ॉर्म भरने में देर हो जाए या ब्राउज़र में पुराना सेशन डेटा जमा हो, तो ऐसा होता है। इनकॉग्निटो विंडो में खोलें, ब्राउज़र की हिस्ट्री साफ़ करें, और सिर्फ़ एक ही टैब में पोर्टल खोलें — पोर्टल की अपनी संचालन प्रक्रिया यही कहती है, साथ ही काम ख़त्म होते ही लॉग-आउट करने को कहती है।

OTP नहीं आ रहा
मोबाइल पर DND चालू हो तो transactional SMS रुक जाते हैं, उसे जाँचें। मेरी पहचान पर लॉगिन करते समय मोबाइल OTP की जगह ईमेल OTP का विकल्प भी आज़माएँ। नेटवर्क की भीड़ कम होने पर दोबारा कोशिश करें।

आधार प्रमाणीकरण फेल हो रहा है
फ़ॉर्म में भरा नाम या जन्मतिथि आधार रिकॉर्ड से नहीं मिल रही। पहले आधार में सुधार कराएँ, या आधार दिए बिना निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य 12 पहचान प्रमाणों में से एक अपलोड करके आगे बढ़ें।

हिंदी नाम खाली या टूटा-फूटा आ रहा है
अंग्रेज़ी में हर शब्द के बाद [Space] या [Tab] दबाना ज़रूरी है, तभी हिंदी बनता है।

दस्तावेज़ अपलोड नहीं हो रहा
फ़ाइल बड़ी है। फोटो 300 KB से कम रखें और दस्तावेज़ों को छोटे PDF में बदलें।

पोर्टल धीमा चल रहा है
पोर्टल Mozilla Firefox या Chrome का नया संस्करण इस्तेमाल करने और सभी साइटों के लिए पॉप-अप ब्लॉकर की अनुमति देने को कहता है। इस्तेमाल से पहले ब्राउज़र की हिस्ट्री साफ़ कर लें।

आवेदन रिजेक्ट हो गया? कारण और आगे क्या करें

पहले Remarks पढ़ें। स्थिति देखने वाले पेज पर रिजेक्शन का कारण लिखा होता है। जब तक वह कारण नहीं पढ़ेंगे, दोबारा आवेदन में भी वही गलती दोहराएँगे।

आम कारण और उनका हल

कारणहल
नाम आधार से नहीं मिल रहाफ़ॉर्म का हिंदी नाम आधार जैसा करें, या आधार में सुधार कराएँ
गलत कार्यालय में आवेदनअपने ही अंचल/अनुमंडल/जिले में आवेदन करें
अनिवार्य दस्तावेज़ नहीं लगा(*) वाले सभी दस्तावेज़ लगाएँ
स्कैन धुँधला या अधूरासाफ़ स्कैन करके दोबारा अपलोड करें
NCL में Form-XI नहीं लगाभरा-हस्ताक्षरित Form-XI अपलोड करें
जाति के लिए ज़मीन का रिकॉर्ड नहींखतियान/राजस्व अभिलेख लगाएँ, न हो तो स्थल सत्यापन का विकल्प चुनें

आगे क्या करें: रिजेक्ट हुए आवेदन को संपादित नहीं किया जा सकता। कमी दूर करके नया आवेदन करें। दोबारा आवेदन करने की कोई सीमा नहीं है और कोई शुल्क भी नहीं लगता।

तय समय पर प्रमाण पत्र नहीं मिला? अपील और शिकायत का पूरा तरीका

यह आपका कानूनी अधिकार है, कोई एहसान नहीं। अधिनियम में देरी पर अपील की व्यवस्था है और दोषी अधिकारी पर जुर्माने का प्रावधान भी।

1. RTPS अपील पोर्टल

⚖️ अपील दर्ज करेंrtpsappeal.bihar.gov.in

यह लिंक सरकारी पोर्टल के होमपेज पर ही “आर टी पी एस अपील” नाम से मौजूद है। अपने आवेदन संदर्भ संख्या के साथ अपील दर्ज करें।

अधिनियम की व्यवस्था तीन चरणों की है — नामित लोकसेवक (जिसे आवेदन देना था) → प्रथम अपीलीय प्राधिकारीद्वितीय अपील। अपील दर्ज करने का कोई शुल्क नहीं है।

2. लोक शिकायत

अगर मामला अपील से आगे बढ़ गया हो या किसी और स्तर की शिकायत हो, तो बिहार की लोक शिकायत निवारण व्यवस्था अलग से मौजूद है — lokshikayat.bihar.gov.in। इसमें शिकायत के निपटारे की अपनी अनिवार्य समय सीमा तय है।

3. तकनीकी दिक़्क़त है तो अपील नहीं, यह रास्ता

अगर समस्या अधिकारी की देरी की नहीं बल्कि पोर्टल या सिस्टम की है, तो पोर्टल एक तय क्रम बताता है:

कार्यपालक सहायक (पंचायत/प्रखंड/अनुमंडल/जिला स्तर) → उनके ज़रिए आई.टी. सहायक → उनके ज़रिए जिला आई.टी. प्रबंधक → उनके ज़रिए NIC जिला केंद्र के DIO/ADIO और विभाग के आई.टी. प्रबंधक → उनके ज़रिए NIC बिहार की ServicePlus टीम

📧 आधिकारिक हेल्पडेस्क ईमेल: serviceonline.bihar@gov.in

4. कोई एजेंट पैसे माँग रहा है?

181 (मुख्यमंत्री हेल्पलाइन) पर शिकायत करें।

सावधानी: इंटरनेट पर RTPS के नाम से कई अलग-अलग टोल-फ़्री नंबर और यहाँ तक कि निजी WhatsApp नंबर भी “सरकारी हेल्पलाइन” बताकर छपे हुए मिलते हैं। सरकारी पोर्टल पर सिर्फ़ ऊपर दिया हेल्पडेस्क ईमेल और तकनीकी सहायता का यही क्रम दर्ज है। किसी अनजान नंबर पर अपना आधार, OTP या दस्तावेज़ न भेजें।

राशन कार्ड (EPDS) और RTPS — दोनों में क्या फ़र्क़ है?

RTPS पोर्टल राशन कार्ड नहीं बनाता। वह सिर्फ़ खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के पोर्टल का लिंक देता है, इसीलिए लोगों को लगता है कि यह भी RTPS की सेवा है।

कामकहाँ जाना है
नए राशन कार्ड के लिए आवेदनrconline.bihar.gov.in
राशन कार्ड की विवरणी देखनाepds.bihar.gov.in
जाति/आय/निवास प्रमाण पत्रserviceonline.bihar.gov.in

राशन कार्ड पोर्टल पर लॉगिन भी जनपरिचय (JanParichay) आईडी से ही होता है — वही आईडी जो RTPS के लिए बनाई है। इसीलिए दोनों एक जैसे लगते हैं, पर आवेदन और अनुमोदन दोनों की व्यवस्था अलग है।

ऑनलाइन नहीं कर पा रहे? वसुधा केंद्र और RTPS काउंटर से कैसे बनवाएँ

पोर्टल के मुताबिक़ आवेदन चार तरीक़ों से हो सकता है — ख़ुद ऑनलाइन, लोक सेवा केंद्र (RTPS काउंटर) से, कियोस्क से, या सामुदायिक सेवा केंद्र (CSC/वसुधा केंद्र) से।

  • RTPS काउंटर पर क्या होता है: भरा और हस्ताक्षरित फ़ॉर्म कार्यपालक सहायक (EA) को दें। वे आपकी ओर से ऑनलाइन फ़ॉर्म भरते हैं और पावती की दो प्रतियाँ निकालते हैं — एक आपको मिलती है, दूसरी कार्यालय के रिकॉर्ड में जाती है। प्रमाण पत्र बाद में उसी केंद्र से, पावती और वैध पहचान पत्र दिखाकर, मिल जाता है।
  • इंटरनेट ही न चलता हो तो: पोर्टल में Offline ServicePlus की व्यवस्था है। जहाँ नेटवर्क धीमा या बंद रहता है, वहाँ कार्यपालक सहायक आवेदन ऑफ़लाइन दर्ज करके पावती दे देते हैं, और नेटवर्क आने पर डेटा ऑनलाइन सिंक कर देते हैं।
  • पंचायत स्तर पर भी: पंचायत सरकार भवन से ई-सेवाएँ उपलब्ध हैं, यानी हर बार प्रखंड तक जाने की ज़रूरत नहीं।
  • ख़र्च: सरकारी शुल्क शून्य है। CSC/वसुधा केंद्र का संचालक अपनी सेवा (फ़ॉर्म भरना, स्कैन, प्रिंट) के लिए छोटी-सी राशि ले सकता है। यह उसका सेवा शुल्क है, सरकारी फ़ीस नहीं — और यह दोनों बिल्कुल अलग चीज़ें हैं।

आवेदन बिल्कुल मुफ़्त है — एजेंट को पैसे देने की ज़रूरत नहीं

जाति, आय, निवास, EWS और NCL प्रमाण पत्र के आवेदन पर सरकार कोई शुल्क नहीं लेती। न आवेदन का, न प्रक्रिया का, न डाउनलोड का।

  • “जल्दी बनवा दूँगा” कहने वाले से बचें। कुछ RTPS प्रमाण-पत्र सेवाओं में सामान्य/General और तत्काल/Tatkal दोनों सेवा प्रकार उपलब्ध हैं; लागू शर्तें आधिकारिक ServicePlus फ़ॉर्म में जाँचें। ₹200–500 माँगने वाला जो बेच रहा है, वह मौजूद ही नहीं है।
  • आधार और दस्तावेज़ किसी अनजान को न दें। एजेंट को दिया गया आधार, फोटो और मोबाइल नंबर आपके नाम पर किसी और काम में भी लग सकता है, और पता तब चलता है जब बहुत देर हो चुकी होती है।
  • अगर कोई पैसे माँगे: पैसे न दें, 181 पर शिकायत करें, और सीधे प्रखंड कार्यालय के अंदर जाकर RTPS काउंटर पर आवेदन करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या RTPS-4 और RTPS-3 अलग-अलग वेबसाइट हैं?

नहीं। दोनों एक ही सरकारी पोर्टल serviceonline.bihar.gov.in के सर्वर नंबर हैं, जो ब्राउज़र टैब में दिख जाते हैं। कौन-सा नंबर दिखेगा, यह अपने आप तय होता है। सेवा, फ़ॉर्म और प्रमाण पत्र तीनों बिल्कुल एक जैसे रहते हैं।

RTPS पर आवेदन करने में कितना पैसा लगता है?

कुछ नहीं। जाति, आय, निवास, EWS और NCL प्रमाण पत्र का आवेदन निःशुल्क है। CSC संचालक अपनी सेवा का छोटा शुल्क ले सकता है, पर सरकारी फ़ीस शून्य है। कोई “सरकारी फ़ीस” माँगे तो वह धोखा है।

मैं दिल्ली या मुंबई में रहता हूँ, क्या बिहार का जाति प्रमाण पत्र बनवा सकता हूँ?

हाँ। आवेदन कहीं से भी ऑनलाइन किया जा सकता है, बस स्थायी पता बिहार में होना चाहिए। सत्यापन आपके गृह अंचल में ही होता है, और प्रमाण पत्र SMS लिंक, ईमेल या DigiLocker से आपको वहीं मिल जाता है।

आधार से OTP नहीं आ रहा, अब क्या करूँ?

पहले देखें कि आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर चालू है और उस पर DND बंद है। नंबर बदल गया हो तो पहले आधार में अपडेट कराएँ। आधार दिए बिना भी आवेदन हो सकता है — निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य 12 पहचान प्रमाणों में से एक अपलोड कर दें।

समय पर प्रमाण पत्र न मिले तो कहाँ शिकायत करें?

rtpsappeal.bihar.gov.in पर आवेदन संदर्भ संख्या के साथ अपील दर्ज करें — यह निःशुल्क है। इसके अलावा लोक शिकायत की व्यवस्था lokshikayat.bihar.gov.in पर है। तकनीकी दिक़्क़त हो तो कार्यपालक सहायक से शुरू होने वाला सहायता क्रम अपनाएँ।

जन्म प्रमाण पत्र RTPS से बनता है या नहीं?

ऑनलाइन नहीं। RTPS पोर्टल जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के ऑनलाइन आवेदन के लिए भारत सरकार के CRS पोर्टल dc.crsorgi.gov.in पर भेजता है। प्रखंड स्तर के RTPS काउंटर से भी यह सेवा ली जा सकती है।

ज़रूरी सरकारी लिंक और अस्वीकरण

सभी आधिकारिक लिंक एक जगह

कामलिंक
मुख्य पोर्टलserviceonline.bihar.gov.in
पंजीकरण / लॉगिनserviceonline.bihar.gov.in/janParichayLogin
आवेदन की स्थितिनागरिक अनुभाग → आवेदन की स्थिति देखें
प्रमाण पत्र डाउनलोडswcs.bihar.gov.in/RtpsReportView/certificate_download.jsp
अपनी पात्रता जानेंswcs.bihar.gov.in/knye
RTPS अपीलrtpsappeal.bihar.gov.in
लोक शिकायतlokshikayat.bihar.gov.in
Form-VIIIserviceonline.bihar.gov.in/resources/homePage/10/Document/Form_VIII.pdf
Form-XIserviceonline.bihar.gov.in/resources/homePage/10/Document/Form_XI.pdf
जन्म / मृत्यु (CRS)dc.crsorgi.gov.in
राशन कार्ड आवेदनrconline.bihar.gov.in
राशन कार्ड विवरणीepds.bihar.gov.in
हेल्पडेस्क ईमेलserviceonline.bihar@gov.in

अस्वीकरण

rtpsbihhar.com एक स्वतंत्र सूचनात्मक वेबसाइट है — इसका बिहार सरकार, NIC या किसी सरकारी विभाग से कोई संबंध नहीं है, और यहाँ न कोई आवेदन लिया जाता है, न शुल्क। आवेदन का एकमात्र रास्ता serviceonline.bihar.gov.in है, जहाँ नियम बदलते रहते हैं — इसलिए आवेदन से पहले वहाँ एक बार ज़रूर जाँच लें।

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