बिहार सामान्य प्रशासन विभाग का NCL प्रमाण पत्र संबंधी पत्रांक 15866

NCL नया आदेश: पुराना प्रमाण पत्र कब तक चलेगा, जानें

बिहार में नॉन क्रीमी लेयर (NCL) प्रमाण पत्र के नियम बदले नहीं हैं — बस अब उन्हें सख़्ती से लागू करने का आदेश आया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर साफ़ कहा है कि NCL बनाने से पहले अलग से जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र नहीं माँगे जाएँ, और जिनके पास पहले से NCL है, वे स्वयं शपथ पत्र (प्रपत्र-XVIII ख) देकर उसी का इस्तेमाल कर सकते हैं।

क्या जारी हुआसामान्य प्रशासन विभाग का पत्रांक 15866, दिनांक 01.09.2026
किसने भेजादिवाकर मणि, अवर सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग
किसे भेजाबिहार के सभी जिलाधिकारी
नया नियम?नहीं — 2012 और 2017 के पुराने परिपत्रों का 100% पालन कराने का आदेश
क्रीमी लेयर सीमाइसमें कोई बदलाव नहीं
किसके काम काBC और EBC वर्ग के आवेदक

यह आदेश आया क्यों?

विभाग को जानकारी मिली कि कई अंचल और अनुमंडल कार्यालय पुराने निर्देशों का पूरा पालन नहीं कर रहे थे। आवेदक से पहले जाति, फिर आय, फिर निवास प्रमाण पत्र बनवाने को कहा जाता था — और तब जाकर NCL का आवेदन लिया जाता था।

यानी एक काम के लिए चार आवेदन, चार इंतज़ार। यह पत्र उसी पर रोक लगाता है।

एक बात साफ़ कर दें: इसे “NCL का नया नियम” समझने की ग़लती न करें। पत्र में कोई नई शर्त नहीं जोड़ी गई — जो नियम 2012 से लागू है, उसी को मानने का आदेश है।

NCL से पहले जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र ज़रूरी है या नहीं?

नहीं। यह बात सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र संख्या 11490, दिनांक 16.08.2012 की कंडिका 5 में पहले से लिखी है, और नया पत्र उसी को दोहराता है।

NCL के लिए अधिकारी को आपकी जाति, आय और निवास की जानकारी चाहिए, इनके अलग प्रमाण पत्र नहीं। जानकारी और सत्यापन, दोनों NCL के आवेदन में ही हो जाते हैं।

उल्टा भी सच है — NCL ख़ुद जाति और निवास का सबूत है

उसी परिपत्र की कंडिका 6 कहती है कि NCL प्रमाण पत्र में आवेदक की जाति और निवास दोनों दर्ज होते हैं। इसलिए ज़रूरत के हिसाब से NCL को जाति प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र के रूप में भी स्वीकार किया जा सकता है।

व्यवहार में इसका मतलब: अगर आपके पास वैध NCL है, तो किसी फ़ॉर्म में जाति या निवास का सबूत माँगे जाने पर पहले वही दिखाइए।

पुराना NCL प्रमाण पत्र कब तक चलेगा?

परिपत्र संख्या 15440, दिनांक 05.12.2017 के मुताबिक़ NCL प्रमाण पत्र बार-बार जारी करने की ज़रूरत नहीं है। अगर आपके पास पहले से NCL है और आप अब भी क्रीमी लेयर से बाहर हैं, तो स्वयं शपथ पत्र (प्रपत्र-XVIII ख / Form-XVIII B) देकर पुराना प्रमाण पत्र ही मान्य माना जा सकता है।

शर्त ध्यान से पढ़िए

पुराना NCL तभी चलता है जब आपकी स्थिति नहीं बदली है। अगर इस बीच:

  • माता-पिता में से किसी की ऐसी सरकारी नियुक्ति या पदोन्नति हुई जो क्रीमी लेयर में आती है,
  • या परिवार की आय क्रीमी लेयर की सीमा पार कर गई,

तो पुराना प्रमाण पत्र और शपथ पत्र दोनों बेकार हैं। ग़लत शपथ पत्र देना ख़ुद अपनी उम्मीदवारी के ख़िलाफ़ सबूत तैयार करना है।

भर्ती विज्ञापन की शर्त सबसे ऊपर

विभाग का पत्र प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारियों के लिए है। लेकिन भर्ती करने वाली संस्था — BPSC, BSSC, बिहार पुलिस — अपने विज्ञापन में अलग शर्त रख सकती है, जैसे “कट-ऑफ़ तारीख़ के बाद जारी NCL ही मान्य”।

ऐसी शर्त लिखी हो, तो नया NCL बनवाना ही पड़ेगा। आवेदन से पहले विज्ञापन का “आरक्षण / प्रमाण पत्र” वाला हिस्सा ज़रूर पढ़ें।

ध्यान दें: यह पूरा आदेश बिहार सरकार के प्रयोजनार्थ वाले NCL पर है। UPSC, SSC, रेलवे और बैंक जैसी केंद्रीय भर्तियों के लिए केन्द्र सरकार के प्रयोजनार्थ वाला NCL अलग से बनता है — दोनों आपस में नहीं बदले जा सकते।

आय कैसे जोड़ी जाएगी?

पत्र में अधिकारियों को केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही आय तय करने को कहा गया है। इनमें सबसे अहम बात — माता-पिता के वेतन से होने वाली आय और कृषि भूमि से होने वाली आय को क्रीमी लेयर तय करने के लिए आपस में जोड़ा नहीं जाता।

अगर कोई कार्यालय ये दोनों जोड़कर आपको क्रीमी लेयर में डाल दे, तो वह विभागीय निर्देश के ख़िलाफ़ है — रिजेक्शन के Remarks में यही कारण दिखे, तो अपील का मज़बूत आधार है।

अगर कार्यालय अब भी अलग प्रमाण पत्र माँगे?

  1. विनम्रता से परिपत्र 11490 (16.08.2012) की कंडिका 5 और विभागीय पत्रांक 15866 (01.09.2026) का हवाला दें।
  2. अगर आवेदन फिर भी रिजेक्ट हो, तो स्थिति पेज पर Remarks में लिखा कारण देखें और उसका स्क्रीनशॉट रख लें।
  3. तय समय में NCL न मिले या बेवजह रिजेक्ट हो, तो rtpsappeal.bihar.gov.in पर आवेदन संदर्भ संख्या के साथ अपील करें। अपील निःशुल्क है।

NCL आवेदन (निःशुल्क), Form-XI और तीनों स्तरों के सीधे सरकारी लिंक हमारी RTPS Bihar की पूरी गाइड में एक जगह हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या इस पत्र से क्रीमी लेयर की आय सीमा बदली है?

नहीं। पत्र में आय सीमा या आरक्षण नीति में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह सिर्फ़ प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया से जुड़ा प्रशासनिक निर्देश है।

प्रपत्र-XVIII ख कहाँ से मिलेगा?

यह आवेदक का स्वयं शपथ पत्र है, जिसमें आप घोषणा करते हैं कि आप अब भी क्रीमी लेयर से बाहर हैं। इसका निर्धारित प्रारूप अपने अंचल के RTPS काउंटर से लें — किसी अनजान वेबसाइट से डाउनलोड किया प्रारूप न लगाएँ।

क्या EBC आवेदकों पर भी यह नियम लागू है?

हाँ। NCL प्रमाण पत्र BC और EBC दोनों वर्ग के आवेदकों के लिए है, और पत्र दोनों पर समान रूप से लागू होता है।

Similar Posts

2 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *