अब पंचायत से ही बनवाएँ जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र
जाति, आय या निवास प्रमाण पत्र के लिए अब हर बार प्रखंड कार्यालय जाने की ज़रूरत नहीं। बिहार में यही आवेदन पंचायत स्तर पर भी जमा हो रहे हैं, और पंचायती राज विभाग के आँकड़े बताते हैं कि लोग इस रास्ते का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहे हैं — अक्टूबर 2024 से सितंबर 2026 के बीच पंचायत स्तर पर 39.78 लाख आवेदन आए, जिनमें से 39.32 लाख का निपटारा हो चुका है।
यानी हर 100 में से लगभग 99 आवेदन निपट चुके हैं। गाँव से प्रखंड का एक चक्कर पूरा दिन और किराया दोनों खा जाता है।
पंचायत और प्रखंड — फ़र्क़ कहाँ है, कहाँ नहीं
सबसे ज़रूरी बात पहले समझ लीजिए: पंचायत से आवेदन करने पर प्रमाण पत्र बदलता नहीं। बदलता है सिर्फ़ यह कि आवेदन आप कहाँ जमा करते हैं।
| बात | पंचायत से आवेदन | प्रखंड से आवेदन |
|---|---|---|
| आवेदन कहाँ जमा | पंचायत का RTPS काउंटर | प्रखंड/अंचल का RTPS काउंटर |
| पोर्टल | वही — ServicePlus | वही — ServicePlus |
| प्रमाण पत्र कौन जारी करेगा | अंचल स्तर का सक्षम अधिकारी | अंचल स्तर का सक्षम अधिकारी |
| सरकारी शुल्क | शून्य | शून्य |
| आने-जाने का ख़र्च | गाँव में ही | प्रखंड मुख्यालय तक |
प्रमाण पत्र उसी पोर्टल से, उसी अधिकारी के डिजिटल हस्ताक्षर से निकलेगा — और उतना ही मान्य होगा।
आँकड़े क्या कहते हैं — कौन-सा जिला सबसे आगे
पंचायती राज विभाग के आँकड़ों के अनुसार अक्टूबर 2024 से सितंबर 2026 के बीच ये पाँच जिले पंचायत स्तर के आवेदनों में सबसे आगे रहे:
| जिला | आवेदन आए (लगभग) | निपटारा (लगभग) |
|---|---|---|
| मधुबनी | 3.24 लाख | 3.22 लाख |
| सीवान | 2.97 लाख | 2.95 लाख |
| सीतामढ़ी | 1.99 लाख | 1.97 लाख |
| सारण | 1.87 लाख | 1.84 लाख |
| पश्चिम चंपारण | 1.53 लाख | 1.52 लाख |
इन आँकड़ों से दो काम की बातें निकलती हैं।
पहली — यह व्यवस्था काग़ज़ पर नहीं, ज़मीन पर चल रही है। अगस्त 2026 में आई विभाग की पिछली रिपोर्ट के मुताबिक़ एक पंचायत में औसतन हर महीने लगभग 300 आवेदन आते हैं।
दूसरी — ज़्यादातर जिलों में लंबित आवेदन बहुत कम हैं। ऊपर के पाँचों जिलों में निपटारे की दर 98% से ऊपर है। अगर आपका आवेदन लंबे समय से अटका है, तो वह आम स्थिति नहीं है — उस पर सवाल पूछना आपका हक़ है।
ध्यान दें: ये आँकड़े आवेदनों के निपटारे के हैं, यानी इनमें स्वीकृत और रिजेक्ट दोनों शामिल हैं। “निपटारा” का मतलब हमेशा “प्रमाण पत्र मिल गया” नहीं होता।
पंचायत जाने से पहले ये पाँच चीज़ें जाँच लीजिए
1. आपकी पंचायत में काउंटर चालू है या नहीं। हर पंचायत में व्यवस्था एक जैसी नहीं है। एक फ़ोन पंचायत सचिव या मुखिया को कर लें — बेकार का चक्कर बचेगा।
2. काउंटर कब खुलता है। समय और कर्मचारी की मौजूदगी हर जगह अलग हो सकती है, इसलिए यह भी पहले पूछ लें।
3. दस्तावेज़ पूरे हैं। आधार, आधार से जुड़ा चालू मोबाइल, पासपोर्ट साइज़ फोटो, और जिस प्रमाण पत्र के लिए आवेदन है, उसका सबूत — जाति के लिए खतियान या पिता का पुराना जाति प्रमाण पत्र, आय के लिए वेतन पर्ची, ITR या पत्र संख्या 9541 में बताए दस्तावेज़।
4. आधार वाला मोबाइल साथ है। आवेदन के समय उसी नंबर पर OTP आता है। फ़ोन घर पर छूट गया, तो आवेदन वहीं रुक जाएगा।
5. पावती ज़रूर लें। काउंटर पर आवेदन जमा होने के बाद पावती मिलती है, जिसमें आवेदन संदर्भ संख्या होती है। इसी नंबर से आप घर बैठे serviceonline.bihar.gov.in पर स्थिति देख सकते हैं और प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।
कब प्रखंड ही जाना ठीक रहेगा
पंचायत का रास्ता हर हाल में बेहतर नहीं है। इन स्थितियों में सीधे प्रखंड या अनुमंडल का रुख़ करना समझदारी है:
- अनुमंडल या जिला स्तर का प्रमाण पत्र चाहिए — भर्ती अधिसूचना में “अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा निर्गत” लिखा हो और पंचायत काउंटर पर वह स्तर न मिले, तो सीधे उसी स्तर पर आवेदन करें।
- आवेदन रिजेक्ट हो चुका है और कारण समझ नहीं आ रहा — प्रखंड कार्यालय में संबंधित कर्मचारी से सीधे बात करके Remarks का मतलब समझना आसान होता है।
NCL बनवाना हो, तो पहले NCL का नया आदेश पढ़ लें — अलग से जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र बनवाने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
पंचायत काउंटर पर पैसे माँगे जाएँ तो?
जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र का सरकारी शुल्क शून्य है, चाहे आवेदन पंचायत से हो या प्रखंड से। कोई “फ़ीस” या “जल्दी करवाने का पैसा” माँगे, तो न दें और 181 पर शिकायत करें।
तय समय पर प्रमाण पत्र न मिले, तो इंतज़ार करते रहने के बजाय अपील कीजिए — अक्टूबर की रुकावट के बाद अटके आवेदनों के लिए RTPS दोबारा शुरू वाली गाइड में अपील का पूरा तरीका दिया गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पंचायत से बना प्रमाण पत्र नौकरी में मान्य होगा?
हाँ। प्रमाण पत्र उसी पोर्टल से, उसी अंचल स्तर के अधिकारी के डिजिटल हस्ताक्षर से जारी होता है। आवेदन कहाँ जमा हुआ, इससे उसकी मान्यता पर कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता।
क्या घर से ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं?
हाँ, serviceonline.bihar.gov.in पर ख़ुद आवेदन कर सकते हैं। पंचायत काउंटर उनके लिए सबसे काम का है जिन्हें ऑनलाइन फ़ॉर्म भरने में दिक़्क़त होती है।


